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14 राज्यों के लोगों से ठगी की रकम क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजते थे आरोपी, 5 गिरफ्तार और 5 फरार

 

देश के 14 राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य लोगों से धोखाधड़ी कर हासिल की गई रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे और फिर उसे विदेश भेज देते थे। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही हैं।

कई राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क

पुलिस की जांच के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। आरोपियों पर अलग-अलग जगहों के लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का आरोप है। ठगी की रकम सीधे अपने पास रखने के बजाय उसे विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से आगे भेजा जाता था, ताकि पैसों के वास्तविक स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

जांच में 14 राज्यों के लोगों से ठगी किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस गिरोह से जुड़े मामलों और शिकायतों का मिलान कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कुल कितने लोग इस नेटवर्क का शिकार हुए और ठगी की रकम कितनी है।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजते थे रकम

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ठगी से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजने के तरीके का इस्तेमाल करता था। डिजिटल मुद्रा के माध्यम से धन का हस्तांतरण किए जाने से जांच में कई तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की पड़ताल करनी पड़ती है।

ऐसे मामलों में साइबर अपराध इकाइयां बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टो एक्सचेंज से जुड़े रिकॉर्ड और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जांच करती हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि रकम किन खातों से होकर गुजरी, क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए किन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया और विदेश में इसे किसे भेजा गया।

पांच आरोपी गिरफ्तार, पांच की तलाश

मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पांच अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान करने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कितने बैंक खातों का इस्तेमाल किया और क्या इस काम में अन्य लोगों ने भी उनकी मदद की थी।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें

ऑनलाइन ठगी के मामलों में लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध निवेश योजनाओं में पैसा लगाने और किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी तरह की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत बैंक से संपर्क कर संदिग्ध लेन-देन रोकने का प्रयास करना चाहिए। भारत में साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है।

फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और ठगी की कुल रकम का पता लगने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।