पिता की मौत के बाद अंगूठा लगवाकर 3 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, लखनऊ में बेटे-बहू बेदखल
राजधानी लखनऊ में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक बुजुर्ग की मौत के बाद उसकी लाश से अंगूठा लगवाकर करीब 3 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने की कोशिश की गई। मृतक ने अपनी संपत्ति तीन बेटियों को देने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि इसके विपरीत बेटे और बहू ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कराने का प्रयास किया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
तीन बेटियों को संपत्ति देने की बात कही थी
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग पिता अपनी संपत्ति तीन बेटियों को देना चाहते थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने परिवार के सामने अपनी इच्छा भी जाहिर की थी। इसी बीच उनकी तबीयत खराब हुई और उनकी मौत हो गई।
आरोप है कि पिता की मौत के बाद बेटे और बहू ने उनकी संपत्ति अपने नाम कराने के लिए कथित तौर पर दस्तावेज तैयार किए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दस्तावेजों पर मृतक का अंगूठा लगवाने के लिए उनकी लाश का इस्तेमाल किया गया।
करीब 3 करोड़ की जमीन का मामला
परिजनों ने जिस संपत्ति को लेकर आरोप लगाए हैं, उसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि जमीन पर कब्जे और उसे अपने नाम कराने की कोशिश की गई।
मामला सामने आने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया। इसके बाद विवाद पुलिस तक पहुंचा। शिकायत में बेटे और बहू समेत संबंधित लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बेटे-बहू को बेदखल करने का आरोप
परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग ने अपनी संपत्ति बेटियों को देने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि बेटे और बहू ने इसके विपरीत संपत्ति पर अपना अधिकार जताया और दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की कोशिश की।
मामले में कथित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन से जुड़े कागजात कब तैयार हुए और उन पर अंगूठा किस परिस्थिति में लगाया गया।
पुलिस कर रही दस्तावेजों की जांच
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जमीन के दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और अन्य कागजात खंगाले जा रहे हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा या मृतक की पहचान का गलत इस्तेमाल साबित होता है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल करीब तीन करोड़ रुपये की जमीन से जुड़े इस मामले ने परिवार के भीतर संपत्ति विवाद को गंभीर रूप दे दिया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दस्तावेजों पर अंगूठा लगाने और जमीन हड़पने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।