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काशीराम कॉलोनी में बड़ा हादसा, 20 साल से निष्प्रयोज्य जर्जर पानी की टंकी गिरने से किशोर की मौत, दो घायल

 

Siddharthnagar के काशीराम कॉलोनी क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। 20 साल पहले निष्प्रयोज्य घोषित की जा चुकी एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी अचानक गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पानी की टंकी काफी समय से उपयोग में नहीं थी और बेहद खराब स्थिति में थी। कॉलोनी के आसपास के लोग लंबे समय से इस जर्जर संरचना को हटाने या सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। सोमवार को अचानक यह टंकी भरभराकर गिर पड़ी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के समय कुछ बच्चे और लोग टंकी के पास मौजूद थे। मलबा गिरने की चपेट में आने से एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। मलबा हटाने के लिए स्थानीय लोगों की भी मदद ली गई। पूरे इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से घेराबंदी कर दी गई है ताकि किसी और प्रकार की अनहोनी न हो।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह टंकी वर्षों से जर्जर अवस्था में खड़ी थी और कई बार शिकायत करने के बावजूद इसे हटाया नहीं गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो यह हादसा टल सकता था।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि निष्प्रयोज्य घोषित होने के बावजूद टंकी को हटाया क्यों नहीं गया और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की थी।

Uttar Pradesh Jal Nigam से भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की जा सकती है, क्योंकि पानी की टंकी और उससे जुड़ी संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग पर होती है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक किशोर के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायल लोगों के इलाज पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक संपत्तियों की समय पर मरम्मत और निष्प्रयोज्य ढांचों को हटाने में लापरवाही के गंभीर परिणामों को उजागर करता है।