×

हजार रुपये में चोरी की बाइक का सौदा, शराब तस्करों का ‘सस्ता नेटवर्क’ बेनकाब, रामगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 

राजस्थान में अपराध और तस्करी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में चोरी की बाइकों के जरिए चल रहे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां महज हजार रुपये में चोरी की बाइक का सौदा किया जा रहा था। इस पूरे खेल को शराब तस्करों द्वारा ‘सस्ता सौदा’ बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा था।

Ramgarh पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी की बाइकों का इस्तेमाल अवैध शराब की तस्करी में किया जा रहा था, ताकि पकड़े जाने पर असली वाहन मालिकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।

पुलिस के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। पहले चोरी की बाइक कम कीमत में बेची जाती थी और फिर उसे शराब तस्करी जैसे अवैध कार्यों में इस्तेमाल किया जाता था। इससे न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती मिल रही थी, बल्कि जांच एजेंसियों को भी गुमराह करने की कोशिश की जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चल रहा था, जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे। कुछ लोग चोरी करते थे, कुछ खरीद-फरोख्त करते थे और कुछ इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी के लिए करते थे।

रामगढ़ पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क की पूरी कड़ियां जोड़ने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। लोग हैरान हैं कि कैसे महज हजार रुपये में चोरी की बाइक का सौदा कर उसे अवैध धंधों में इस्तेमाल किया जा रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क का खुलासा यह दर्शाता है कि अपराधी अब छोटे-छोटे साधनों का इस्तेमाल कर बड़े अपराधों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को तकनीकी और खुफिया स्तर पर और मजबूत रणनीति अपनाने की जरूरत है।

फिलहाल रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने चोरी और तस्करी के इस ‘सस्ता नेटवर्क’ की परतें खोल दी हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।