अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण में नया मोड़, झूठा केस दर्ज कराने के आरोप से बढ़ी सियासी हलचल
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर सियासत लगातार गरमाई हुई है। इसी बीच प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। एक व्यक्ति ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर झूठा केस दर्ज कराने के लिए कथित रूप से लालच देने का आरोप लगाया है। इस दावे के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
दरअसल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदोई निवासी रमा शंकर दीक्षित सामने आए। उन्होंने दावा किया कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे संपर्क कर उनकी बेटियों के माध्यम से शंकराचार्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के लिए कथित रूप से प्रलोभन दिया था। रमा शंकर दीक्षित वर्तमान में शाहजहांपुर में रह रहे हैं और उनकी तीन बेटियां हैं।
रमा शंकर दीक्षित का आरोप है कि उन्हें कहा गया था कि यदि वे अपनी बेटियों की ओर से आरोप लगवाते हैं तो उन्हें लाभ पहुंचाया जाएगा। हालांकि उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह के झूठे आरोप का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी बेटियों को किसी विवाद में नहीं घसीटना चाहते थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह आरोप दोहराया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि को नुकसान न पहुंचे और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
वहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के गंभीर आरोपों में सभी पक्षों की बात सुनना और तथ्यों के आधार पर जांच करना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों पर अब निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है।
गौरतलब है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप पहले से ही चर्चा में हैं। अब झूठा केस दर्ज कराने के कथित प्रयास के आरोप जुड़ने से मामला और पेचीदा हो गया है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और बयान इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।