पूर्वांचल में 150 पिस्टल सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार; बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
यूपी STF ने गोरखपुर में अवैध असलहा सिंडिकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। STF के मुताबिक नेटवर्क पूर्वांचल में करीब 100 से 150 पिस्टल सप्लाई कर चुका है और इसके तार बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की जांच चल रही है।
उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। गोरखपुर में एसटीएफ और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय असलहा सिंडिकेट के पांच कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक, यह नेटवर्क पूर्वांचल के कई जिलों में करीब 100 से 150 अवैध पिस्टल सप्लाई कर चुका है। कार्रवाई के दौरान चार .32 बोर की पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवॉल्वर और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को गोरखपुर के कैंट क्षेत्र में विंध्यवासिनी पार्क के पास से पकड़ा गया। इनके पास से दोपहिया वाहन, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है।
एमपी और हरियाणा से मंगाए जाते थे हथियार
एसटीएफ की जांच के अनुसार, गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से अवैध हथियार मंगाता था। इसके बाद गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में इनकी सप्लाई की जाती थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, हथियारों की खरीद-बिक्री के लिए सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, का इस्तेमाल भी किया जाता था।
एसटीएफ का कहना है कि नेटवर्क स्थानीय स्तर पर खरीदारों और सप्लायरों का संपर्क तैयार कर चुका था। हथियारों की कीमत और सौदे के आधार पर आरोपियों को प्रति पिस्टल हजारों रुपये का मुनाफा मिलता था। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल संपर्कों को खंगाल रही हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हथियार खरीदने वालों की जानकारी सामने आ सके।
शशांक पांडेय के जरिए बिश्नोई गैंग से कनेक्शन का दावा
पूछताछ के आधार पर एसटीएफ ने श्रेयांश यादव के साथी शशांक पांडेय के कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, शशांक पांडेय के लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई गिरोह से संपर्क की जांच की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, वह पंजाब में असलहा सप्लाई से जुड़े एक मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं, श्रेयांश के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
राजकुमार चौहान हत्याकांड से भी जुड़ा नेटवर्क
एसटीएफ ने दावा किया है कि गोरखपुर के चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया हथियार भी इसी नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराया गया था। इसके अलावा कैंपियरगंज और संतकबीरनगर के खलीलाबाद में बरामद कुछ हथियारों की सप्लाई भी इसी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। इन दावों की जांच आगे भी जारी है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एसटीएफ डिजिटल रिकॉर्ड, लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।