मेरठ जेल में बंद हैं पति की हत्या की आरोपी 5 पत्नियां, किसी ने सांप से डसवाया तो किसी ने नीले ड्रम में छिपाई लाश
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला कारागार में इन दिनों पति की हत्या के आरोप में बंद पांच महिलाओं का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इन सभी महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने अपने-अपने पतियों की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। आरोपों के मुताबिक, किसी ने प्रेम संबंधों के चलते पति को रास्ते से हटाने के लिए जहरीले सांप का इस्तेमाल किया, तो किसी ने हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपा दिया। इन मामलों ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है।
सबसे ज्यादा चर्चा उस मामले की हो रही है, जिसमें एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या के लिए सांप का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित तौर पर पहले से बनाई गई योजना के तहत पति को सांप से डसवाया गया, ताकि मौत को प्राकृतिक हादसा दिखाया जा सके। हालांकि पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके बाद मामला हत्या की साजिश में बदल गया और महिला समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी तरह एक अन्य चर्चित मामले में महिला पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को नीले ड्रम में छिपा दिया। पुलिस जांच के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जेल प्रशासन के अनुसार, पति की हत्या के आरोप में बंद इन पांचों महिलाओं के मामले अलग-अलग हैं, लेकिन एक समानता यह है कि अधिकांश मामलों में प्रेम संबंधों को हत्या की कथित वजह बताया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच अलग-अलग स्तर पर की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी महिलाएं आरोपी हैं और उनके खिलाफ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही दिया जाएगा। जब तक अदालत दोष सिद्ध नहीं करती, तब तक कानून की नजर में उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।
इन घटनाओं ने समाज में वैवाहिक रिश्तों, विश्वास और अपराध को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवाद या वैवाहिक मतभेद का समाधान कानून और संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि हिंसा या अपराध के रास्ते से। ऐसे मामले न केवल एक परिवार को तबाह कर देते हैं, बल्कि बच्चों और अन्य परिजनों के जीवन पर भी गहरा असर छोड़ते हैं।
फिलहाल मेरठ जिला जेल में बंद इन पांचों महिलाओं के मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में जारी है। आने वाले समय में न्यायालय के फैसले तय करेंगे कि इन मामलों में किसकी क्या भूमिका थी और किसे क्या सजा मिलेगी। तब तक ये सभी मामले प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हैं।