लखनऊ में 50 फीट ऊंचे झूले की ट्रॉली टूटी, भाई-बहन समेत 5 घायल; बच्चियां चीखती रहीं- रोको, खून बह रहा है
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सावन महोत्सव मेले के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। इंदिरानगर क्षेत्र में लगे मेले में करीब 50 फीट ऊंचे झूले की एक ट्रॉली अचानक टूट गई। ट्रॉली टूटकर दूसरी ट्रॉलियों से टकराई, जिससे झूले पर बैठे कई लोग घायल हो गए। हादसे में भाई-बहन समेत पांच लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन युवतियों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे गाजीपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर सावन महोत्सव मेले में हुआ। विभूतिखंड के विजयीपुर निवासी सूर्या सिंह अपनी बहनों और दोस्तों के साथ मेला घूमने पहुंचे थे। सभी लोग झूले पर बैठे हुए थे। इसी दौरान झूले की एक बकेट अचानक टूट गई और नीचे की ओर आते हुए दूसरी ट्रॉली से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि झूले में बैठे लोगों में अफरातफरी मच गई। एक ट्रॉली में मौजूद अंकिता के चेहरे और नाक पर गंभीर चोट लगी। उसके मुंह से खून निकलने लगा। नैंसी और विमलनगर निवासी निशा कुमारी भी हादसे की चपेट में आ गईं। बताया गया कि एक किशोरी को कई जगह फ्रैक्चर हुए हैं। अन्य घायलों को भी चोटें आई हैं।
बच्चियां चीखती रहीं, फिर भी नहीं रुका झूला
हादसे के बाद सामने आए वीडियो में झूले पर बैठे बच्चों और युवतियों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है। एक बच्ची दर्द से परेशान होकर झूला रोकने की बात कहती सुनाई देती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रॉली टूटने के बाद भी झूला कुछ समय तक चलता रहा। घायलों के साथ मौजूद लोगों ने संचालक से झूला रोकने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि उसने तुरंत झूला नहीं रोका। कुछ देर बाद झूला अपने आप रुका। इसके बाद संचालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को पास के सुषमा अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में घायल बच्चों और युवतियों का इलाज किया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। एक घायल को कई फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घायलों के परिजनों ने आरोप लगाया कि झूले के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। हालांकि, एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर मेला लगाने की अनुमति थी। पुलिस को अभी मामले में लिखित तहरीर मिलने का इंतजार है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। झूले की तकनीकी स्थिति, उसके संचालन और सुरक्षा इंतजामों की जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। इस घटना ने एक बार फिर मेलों में ऊंचे और बड़े झूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।