नेपाल के तीन बैराजों से 3.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, सरयू उफान पर; मऊ में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
मऊ में सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नेपाल के तीन बैराजों से शनिवार को करीब 3.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका असर मऊ जिले के दोहरीघाट कस्बे और सरयू के तटवर्ती गांवों में दिखाई देने लगा है। नदी का पानी बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल में लगातार बारिश के कारण वहां स्थित बैराजों में पानी का दबाव बढ़ गया था। इसके बाद शनिवार को तीन बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। करीब 3.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर अब सरयू नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 15 सेंटीमीटर बढ़ चुका है।
सरयू का जलस्तर बढ़ने से दोहरीघाट क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी के किनारे बसे गांवों में ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका के चलते लोग अपने जरूरी सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
सरयू नदी के किनारे बसे कई गांव पहले भी बाढ़ की स्थिति का सामना कर चुके हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में निचले इलाकों में पानी घुस सकता है।
दोहरीघाट कस्बे में भी प्रशासन ने हालात पर नजर रखनी शुरू कर दी है। नदी के किनारे संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जलस्तर पर प्रशासन की नजर
प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और तटवर्ती इलाकों में स्थिति की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में न जाएं और प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी का असर संबंधित नदियों में कुछ समय बाद दिखाई देता है। ऐसे में आने वाले घंटों में सरयू का जलस्तर और बढ़ सकता है। यदि ऊपर से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहता है तो मऊ के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने में देरी न करने को कहा गया है। इसके साथ ही बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने दोहरीघाट और आसपास के तटवर्ती इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले समय में नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे की तैयारियां की जाएंगी।