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फतेहपुर में सिलेंडर ब्लास्ट से 3 मकान ढहे, 4 की मौत: 12 घरों में आईं दरारें; 200 मीटर तक महसूस हुआ भूकंप जैसा झटका

 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सोमवार को सिलेंडर ब्लास्ट के बाद बड़ा हादसा हो गया। तेज धमाके के कारण आसपास के तीन मकान ढह गए। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि करीब 200 मीटर के दायरे में लोगों को भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। आसपास के 12 मकानों में भी दरारें आने की जानकारी सामने आई है।

धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और मलबे में दबे लोगों की तलाश की गई।

धमाके के बाद ढह गए तीन मकान

जानकारी के मुताबिक, एक मकान में सिलेंडर में ब्लास्ट होने के बाद तेज धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के तीन मकान इसकी चपेट में आकर ढह गए। मकानों के मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव दल ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। कई लोग अचानक घरों से बाहर निकल आए। इलाके में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

चार लोगों की मौत

हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव टीम ने मलबे से शवों को बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

12 मकानों में आईं दरारें

धमाके के असर से आसपास के करीब 12 मकानों में दरारें आने की जानकारी है। प्रशासन की टीम इन मकानों की स्थिति का जायजा ले रही है। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कोई मकान रहने के लिए असुरक्षित तो नहीं हो गया।

करीब 200 मीटर के क्षेत्र में धमाके का असर महसूस होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई है। लोगों ने इसे भूकंप जैसे झटके के तौर पर महसूस किया।

जांच में जुटी प्रशासन की टीमें

हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि सिलेंडर में ब्लास्ट किन परिस्थितियों में हुआ। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा सकती है।

प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे के कारण और नुकसान की पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।