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अलकायदा से जुड़े 19 साल के युवक की तमिलनाडु से गिरफ्तारी, सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

 

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट यानी AQIS से कथित तौर पर जुड़े एक और 19 वर्षीय युवक को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मकसूद अली के रूप में हुई है। यूपी ATS ने तमिलनाडु ATS की मदद से 14 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया गया। यह गिरफ्तारी आजमगढ़ से गिरफ्तार किए गए 19 वर्षीय मोहम्मद नबील से पूछताछ के बाद सामने आई कड़ियों के आधार पर हुई।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

ATS के अनुसार, इस मामले में आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप के जरिए युवाओं को जोड़ने और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों का दावा है कि मकसूद भी AQIS से जुड़ी विचारधारा से प्रभावित था और युवाओं को अपने ऑनलाइन नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

जांच में व्हाट्सऐप पर बनाए गए कई ग्रुपों का भी पता चलने की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन ग्रुपों में देश और विदेश के कुछ नंबर जुड़े हुए थे। हालांकि इन ऑनलाइन गतिविधियों और आरोपों की जांच अभी जारी है।

‘कैप्टन-एम नेटवर्क’ नाम से ऐप बनाने का दावा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मकसूद को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की जानकारी थी। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने युवाओं को आपस में जोड़ने के लिए ‘कैप्टन-एम नेटवर्क’ नाम की एक सिक्योर एप्लीकेशन तैयार की थी। ATS को संदेह है कि इसी प्लेटफॉर्म के जरिए मामले में गिरफ्तार अन्य लोगों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा था।

मकसूद के बारे में यह भी सामने आया है कि वह Java और Python जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का इस्तेमाल करता था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसकी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था और ऑनलाइन नेटवर्क का वास्तविक दायरा कितना बड़ा था।

आजमगढ़ से पहले हो चुकी है एक गिरफ्तारी

इस मामले में यूपी ATS ने इससे पहले 12 सितंबर को आजमगढ़ के दीदारगंज इलाके से मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया था। ATS का आरोप है कि नबील सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने और उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। उसके मोबाइल से कथित तौर पर AQIS की विचारधारा से जुड़ी सामग्री मिलने की बात भी जांच एजेंसी ने कही है।

जांच में दोनों आरोपियों के बीच संभावित संपर्क और ऑनलाइन नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

ATS ने इस मामले में आतंकी गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंधों को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल सबूतों की जांच जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें किसी आतंकी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिशों की सभी कड़ियों की जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगा। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।