×

प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 13 मौतें, वीडियो में देंखे 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड; मलबे से मिले शव से हुई सुनील की पहचान

 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक अन्य शव पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा था, जिसकी पहचान उसके बुजुर्ग पिता ने अपने बेटे सुनील के रूप में की। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घटना की जांच में जुटी हैं।

पिता मलबे में तलाशते रहे बेटे को

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/KSsnGtE-FOs?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/KSsnGtE-FOs/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

हादसे के बाद सुनील के परिवार को उसके जिंदा होने की उम्मीद थी। सोमवार को घटनास्थल से सुनील का सिर्फ एक पैर बरामद हुआ था, लेकिन उसका पूरा शव नहीं मिल पाया था। मंगलवार सुबह उसके बुजुर्ग पिता सरजू दास मलबे के बीच अपने बेटे को तलाशते नजर आए।इसके बाद पुलिस ने उन्हें पोस्टमॉर्टम हाउस जाने को कहा। वहां पहुंचकर सरजू दास ने एक शव की पहचान अपने बेटे सुनील के रूप में की। बेटे की मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में कई परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है।

मलबे से जिंदा निकली बच्ची सदमे में

इस भीषण विस्फोट के बाद राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बच्ची को मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया था। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया।हालांकि हादसे का उसके मन पर गहरा असर पड़ा है। अस्पताल से घर पहुंचने के बाद मीडिया ने बच्ची से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह इतनी डरी और सहमी हुई थी कि किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाई। उसके चेहरे पर हादसे का खौफ साफ दिखाई दे रहा था।

लापरवाही पर 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मामले में पुलिस की भूमिका और कथित लापरवाही को लेकर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने एक इंस्पेक्टर और छह दरोगाओं समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप हैं।पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रतिबंधित या अवैध तरीके से पटाखों का निर्माण किस तरह चल रहा था और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है।

बढ़ता जा रहा मौतों का आंकड़ा

सोमवार को हुए विस्फोट के बाद से लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंगलवार को एक घायल की मौत के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई। वहीं पोस्टमॉर्टम और शवों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।भीषण विस्फोट के कारण फैक्ट्री और आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया था। राहत टीमों ने मलबे को हटाकर लोगों और शवों की तलाश की। हादसे के बाद अवैध पटाखा निर्माण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।फिलहाल प्रशासन की ओर से घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है। पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब अवैध फैक्ट्री संचालकों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर कार्रवाई की तैयारी है। हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर निगरानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।