तमिलनाडु में चुनाव के बाद त्रिशंकु विधानसभा, सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज
दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य Tamil Nadu में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह से त्रिशंकु (hung assembly) बन गई है। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी के रूप में Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) सामने आई है, लेकिन उसे अकेले बहुमत साबित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बहुमत के लिए जोड़-तोड़ शुरू
परिणाम आने के बाद से ही सभी राजनीतिक दलों में समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। टीवीके नेतृत्व अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों के साथ संपर्क में है ताकि सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या का आंकड़ा पार किया जा सके।
राज्यपाल की भूमिका अहम
राजनीतिक गतिरोध के बीच अब राज्यपाल की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर राजभवन में बैठकों और कानूनी परामर्श का दौर चल रहा है। राज्यपाल द्वारा सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का आमंत्रण देने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
विपक्ष की रणनीति
दूसरी ओर, अन्य दल भी एकजुट होकर वैकल्पिक गठबंधन की संभावना तलाश रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
प्रशासनिक तैयारियां
फिलहाल राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य बनी हुई है, लेकिन सरकार गठन में देरी होने पर नीतिगत फैसलों और विकास कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।