BJP छोड़ नई पार्टी बनाएंगे अन्नामलाई, वीडियो में बोले- तमिल लोगों के लिए लिया कठिन फैसला, 2031 चुनाव लड़ेंगे
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चर्चित नेता के. अन्नामलाई ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को जारी एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने कहा कि वह एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं और उनकी पार्टी वर्ष 2031 में होने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद कठिन था। उन्हें यह तय करने में काफी समय लगा कि वह भाजपा के साथ बने रहें या तमिल लोगों के हितों और भावनाओं से जुड़े रहें। उन्होंने दावा किया कि आखिरकार उन्होंने तमिलनाडु की जनता के लिए अलग राजनीतिक रास्ता चुनने का निर्णय लिया।
4 दिसंबर 2025 को दे दी थी इस्तीफे की जानकारी
अपने वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने खुलासा किया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही भाजपा नेतृत्व को अपने इस्तीफे के इरादे की जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा कि पार्टी को बताया गया था कि वह संगठन छोड़ने वाले हैं।हालांकि, उनके अनुसार भाजपा नेतृत्व ने उनसे अनुरोध किया कि पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी होने दें और उसके बाद आगे का फैसला लें। अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने पार्टी की बात का सम्मान किया और उचित समय का इंतजार किया।
2031 विधानसभा चुनाव पर नजर
नई पार्टी के गठन की घोषणा करते हुए अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य 2031 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक जनआंदोलन होगा, जिसका उद्देश्य तमिलनाडु के लोगों की आकांक्षाओं और मुद्दों को केंद्र में लाना है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई की लोकप्रियता और उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है। विशेष रूप से युवा मतदाताओं और भाजपा समर्थकों के एक वर्ग पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
तमिल पहचान और क्षेत्रीय राजनीति पर जोर
अन्नामलाई ने अपने संबोधन में कहा कि तमिल समाज, संस्कृति और राज्य के हितों को प्राथमिकता देना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी नई पार्टी तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और राज्य की राजनीति में एक नया विकल्प पेश करेगी।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
अन्नामलाई के इस ऐलान को तमिलनाडु की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राज्य में पहले से ही क्षेत्रीय दलों का मजबूत प्रभाव है और ऐसे में एक नई पार्टी का गठन आगामी वर्षों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि अन्नामलाई अपनी नई पार्टी का नाम, संगठनात्मक ढांचा और राजनीतिक एजेंडा कब सार्वजनिक करते हैं। उनकी घोषणा के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।