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दिल्ली में NSUI प्रदर्शन के दौरान महिला नेता और पुलिसकर्मी में मारपीट, बस के अंदर के वीडियो वायरल

 

दिल्ली में मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदर्शन के दौरान विवाद हो गया। प्रदर्शन के दौरान NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। दोनों के बीच बस के अंदर हुई झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर सवाल उठाए।प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था। इसी दौरान रितु बराला और मला पुलिसकर्मी के बीच विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। घटना के वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की शुरुआत कैसे हुई और झड़प से पहले क्या हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने किया पोस्ट

राजस्थान से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने घटना से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए रितु बराला के समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी।” इसके साथ ही उन्होंने रितु बराला को छोटी बहन बताते हुए उनके संघर्ष, साहस और हौसले को सलाम किया।मुकेश भाकर की इस प्रतिक्रिया के बाद घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं की नाराजगी सामने आई। पार्टी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।

NSUI अध्यक्ष ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ गुंडों जैसा बर्ताव किया गया। जाखड़ ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह हत्या के प्रयास से कम नहीं है।उनके बयान के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर संगठन में रोष है। हालांकि, हत्या के प्रयास जैसे आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है। इस मामले में पुलिस का पक्ष और घटना की पूरी परिस्थितियां सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद

बस के अंदर हुई झड़प के वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है। कांग्रेस नेताओं ने जहां रितु बराला के समर्थन में प्रतिक्रिया दी, वहीं NSUI ने पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। दिल्ली पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई का विवरण सामने आने पर घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।