सावन की शुरुआत के साथ शिवमय हुआ जयपुर, ताड़केश्वर महादेव में 151 किलो दूध से महाभिषेक; शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन माह गुरुवार से श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया। सावन के पहले दिन राजधानी जयपुर के प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शहर के प्रसिद्ध चौड़ा रास्ता स्थित प्राचीन ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सावन के प्रथम दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहां भगवान शिव का 151 किलो दूध और 51 किलो देसी गाय के घी से भव्य महाभिषेक किया गया। इसके बाद विधि-विधान से रुद्राभिषेक, मंगला आरती और विशेष श्रृंगार कर भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले गए।
पूरे सावन माह होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
मंदिर प्रशासन के अनुसार, पूरे सावन माह प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान शिव का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर विभिन्न स्वरूपों में शिवजी का अलौकिक श्रृंगार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कई मंदिरों में सुबह से देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।
3 अगस्त को पहला सावन सोमवार
सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा, जिसे लेकर अभी से मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी कारण पहले सोमवार पर शिवालयों में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
तीज माता की शाही सवारी बनेगी आकर्षण
सावन माह के दौरान जयपुर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। 15 और 16 अगस्त को परंपरागत तीज माता की शाही सवारी राजघराने से निकलेगी। पारंपरिक लाव-लश्कर, सजे-धजे हाथी, घोड़े, ऊंट और लोक कलाकारों के साथ निकलने वाली यह शाही सवारी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होती है।
रक्षाबंधन के साथ होगा सावन का समापन
पूरे सावन माह में जयपुर के विभिन्न शिवालयों में रुद्राभिषेक, भजन-संध्या, शिव महापुराण कथा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के साथ सावन माह का समापन होगा।श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर सावन के पहले दिन जयपुर पूरी तरह शिवमय नजर आया। मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़ और धार्मिक आयोजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया है। आने वाले पूरे महीने राजधानी में शिव भक्ति की यही छटा देखने को मिलेगी।