‘पत्नी गैर मर्दों से फोन पर बात करती थी, मुझे सामाजिक अपमान सहना पड़ा’, तलाक केस में कोर्ट ने बॉयफ्रेंड को बनाया पक्षकार
पारिवारिक न्यायालय ने तलाक के मामले में पत्नी के कथित प्रेमी को पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिए हैं और उसे रजिस्टर्ड नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है। पति की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि उसकी पत्नी गैर पुरुषों से फोन पर बातचीत करती थी, जिससे उसे सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। इसके बाद पति ने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस की तलाश के बाद पत्नी एक युवक के साथ थाने पहुंची, जहां उसने पति से नफरत होने तथा युवक से प्रेम विवाह करने की बात स्वीकार की। साथ ही उसने पति और पुत्र से अपने संबंध समाप्त करने की घोषणा भी की। इसके बाद पति ने तलाक की मांग के साथ न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
सोशल मीडिया फोटो और दस्तावेज बने आधार
न्यायालय ने इस मामले में सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो, शपथपत्र और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया। इन सबके आधार पर न्यायालय ने माना कि उक्त युवक (तीसरा शख्स) इस मामले का महत्वपूर्ण और सुसंगत पक्षकार है।
इसलिए उसे मामले में शामिल कर रजिस्टर्ड नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। अब युवक को भी इस प्रकरण में अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा और तलाक की सुनवाई में उसकी भूमिका भी तय की जाएगी।