जयपुर में इंजीनियर पति की प्रताड़ना से परेशान पत्नी ने दी जान, डेढ़ महीने बाद दर्ज हुआ मामला
राजधानी Jaipur में एक महिला की आत्महत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि इंजीनियर पति की लगातार प्रताड़ना और मारपीट से परेशान होकर महिला ने आत्महत्या कर ली। घटना के करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने अब इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के दौरान मृतका के मोबाइल फोन से मारपीट के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिन्हें मामले में अहम सबूत माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, महिला लंबे समय से घरेलू विवाद और पति की प्रताड़ना का सामना कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि इंजीनियर पति आए दिन महिला के साथ मारपीट करता था और मानसिक रूप से भी परेशान करता था। लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतका के मोबाइल फोन की जांच की गई। जांच के दौरान फोन से कुछ सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए, जिनमें कथित तौर पर महिला के साथ मारपीट की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि इन फुटेज में घरेलू हिंसा के कई दृश्य रिकॉर्ड हैं, जो अब पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन काफी समय तक मामला दर्ज नहीं किया गया। अब करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इस देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मामले के कई पहलू पहले ही सामने आ सकते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल से मिले वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों को तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
घटना के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मामलों में समय पर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि घरेलू हिंसा की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सबूत आज के समय में जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और ऑनलाइन रिकॉर्ड कई मामलों में सच्चाई सामने लाने में मददगार साबित हो रहे हैं। इस मामले में भी मृतका के मोबाइल से मिले वीडियो जांच की दिशा तय कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतका के परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।