राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज, ओलावृष्टि से गिरी पारा, 31 मार्च तक बारिश-आंधी का अलर्ट
राजस्थान में मार्च के शुरुआती दिनों में जहां लोगों को अप्रैल–मई जैसी तेज गर्मी का एहसास होने लगा था, वहीं अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि देखने को मिली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम में ठंडक का एहसास बढ़ गया है।
बारिश और ओलों के चलते दिन और रात के तापमान में लुढ़काव आया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया है, वहीं किसानों के लिए यह बदलाव चिंता का कारण भी बन सकता है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा। विभाग ने जानकारी दी है कि 26 मार्च से एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं आंधी और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 28 मार्च से 31 मार्च के बीच एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ आंधी और बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज गर्मी, तो कभी अचानक बारिश और ठंड का अनुभव हो रहा है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। खासकर आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल, राजस्थान में मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन आगामी दिनों में आंधी-बारिश के अलर्ट को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।