श्मशान घाट के बाहर जलभराव से लोगों में आक्रोश, अंतिम संस्कार से लेकर बच्चों को दफनाने तक में परेशानी
श्मशान घाट के बाहर लंबे समय से हो रहे जलभराव की समस्या से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी पानी से भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, बच्चों को दफनाने के दौरान भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचने वाले रास्ते पर पानी जमा रहना गंभीर समस्या है। किसी परिवार में मृत्यु होने पर परिजन पहले ही दुख की स्थिति में होते हैं। ऐसे समय में रास्ते में भरे पानी और कीचड़ के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों के अनुसार, कई बार अंतिम संस्कार से जुड़ी जरूरी गतिविधियों में भी दिक्कत आती है।
सालों से समाधान का इंतजार
लोगों का आरोप है कि जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बारिश होने या आसपास से पानी आने पर स्थिति और खराब हो सकती है। रास्ते पर पानी जमा रहने से पैदल आने-जाने वालों को परेशानी होती है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए ऐसे रास्ते से गुजरना विशेष रूप से मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता साफ और सुगम होना चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार के समय लोगों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो। इसके बावजूद समस्या बनी रहने से लोगों में रोष है।
जिम्मेदार विभाग से कार्रवाई की मांग
लोगों ने संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार विभाग से जलभराव की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी इंतजाम करने के बजाय पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए नाली निर्माण, जल निकासी मार्ग की सफाई और जरूरत के अनुसार रास्ते को दुरुस्त करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करेगा और स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करेगा। फिलहाल, जलभराव के कारण परेशानी जारी रहने और समाधान का इंतजार किए जाने की बात सामने आई है।