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मनोहरथाना के सरकारी स्कूल में घुसा बरसाती नाले का पानी, अचानक तेज बहाव से मची अफरा-तफरी

 

राजस्थान के मनोहरथाना क्षेत्र में बारिश के दौरान एक सरकारी स्कूल में अचानक बरसाती नाले का पानी घुस गया। मामला ग्राम पंचायत टोडरी मीरा के झिकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल का है। बताया जा रहा है कि स्कूल में सामान्य दिनों की तरह कक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान स्कूल के पास से गुजरने वाले बरसाती नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और पानी स्कूल परिसर में पहुंच गया।

नाले का पानी अचानक स्कूल की ओर आने से वहां मौजूद विद्यार्थियों और स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पानी तेजी से परिसर में भरने लगा, जिससे स्कूल में पढ़ाई का काम प्रभावित हुआ।

अचानक बढ़ा नाले का पानी

जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण क्षेत्र से गुजर रहे बरसाती नाले में पानी का स्तर बढ़ रहा था। शुरुआत में स्थिति सामान्य थी और स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसी दौरान नाले का बहाव अचानक तेज हो गया।

तेज बहाव के कारण पानी स्कूल परिसर की ओर बढ़ने लगा। कुछ ही समय में पानी स्कूल के अंदर तक पहुंच गया। अचानक पानी आने से स्कूल में मौजूद लोगों को स्थिति संभालने में परेशानी हुई।

बच्चों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

स्कूल परिसर में पानी घुसने की जानकारी मिलने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ऐसे हालात में स्कूल स्टाफ ने विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश की।

बरसाती नाले के अचानक उफान पर आने की वजह से ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने स्कूल के आसपास पानी के बहाव पर नजर रखी और स्थिति को देखते हुए मदद के लिए आगे आए।

बारिश में बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीण इलाकों में बरसाती नालों के आसपास बने स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बारिश के दौरान खतरा बढ़ जाता है। तेज बारिश होने पर नालों का पानी अचानक बढ़ सकता है और आसपास के इलाकों में प्रवेश कर सकता है।

झिकनी गांव के सरकारी स्कूल में पानी घुसने की घटना ने भी स्कूल परिसर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नाले के बहाव और स्कूल परिसर की सुरक्षा के स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्कूल परिसर और बरसाती नाले का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था और नाले के बहाव को नियंत्रित करने के उपाय किए जाने चाहिए।

फिलहाल स्कूल में पानी घुसने की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान नाले में दोबारा पानी बढ़ने की स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन और ग्रामीण सतर्क हैं।