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दीक्षांत समारोह में छात्रा के विरोध का वीडियो वायरल, HJU प्रशासन ने बताया ‘निंदनीय’

 

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (HJU) इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान एक छात्रा द्वारा मंच पर विरोध जताने की घटना ने न केवल शिक्षा जगत, बल्कि सियासी गलियारों में भी बहस छेड़ दी है।

यह घटना दो दिन पहले राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान की बताई जा रही है। समारोह की शुरुआत में जब छात्र-छात्राएं मंच पर डिग्री लेने के लिए पहुंच रहे थे, उसी दौरान एक छात्रा ने मंच पर पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन और मुख्य अतिथियों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, छात्रा ने डिग्री लेने के दौरान अपनी असहमति को खुलकर जाहिर किया, जिससे समारोह की औपचारिकता के बीच अचानक विरोध का माहौल बन गया। हालांकि, कार्यक्रम को बाद में सामान्य रूप से आगे बढ़ाया गया, लेकिन इस घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर जहां कुछ लोग छात्रा के इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे दीक्षांत जैसे गरिमामय कार्यक्रम की मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस मामले में अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। HJU प्रशासन ने छात्रा के इस व्यवहार को ‘निंदनीय’ करार देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण और औपचारिक आयोजन में इस प्रकार का आचरण अनुचित है। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखना सभी प्रतिभागियों की जिम्मेदारी होती है और इस तरह की घटनाएं संस्थान की छवि को प्रभावित करती हैं।

विश्वविद्यालय ने यह भी संकेत दिए हैं कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अभी तक छात्रा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इस घटना के बाद शिक्षा जगत में यह बहस तेज हो गई है कि क्या ऐसे मंचों पर विरोध जताना उचित है या इसके लिए अलग माध्यम अपनाए जाने चाहिए। साथ ही, यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत अनुशासन के बीच संतुलन को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग अपने-अपने नजरिए से इस घटना को देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है और क्या छात्रा की ओर से कोई सफाई सामने आती है या नहीं।