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वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए, रेलवे अधिकारियों ने कराया रेस्क्यू

 

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज 30 जनवरी को एक असामान्य और चौंकाने वाले हादसे का शिकार हो गए। वह कोटा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस (22981) में यात्रा कर रहे थे, जब ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। रेलवे अधिकारियों की त्वरित मदद से टॉयलेट का गेट खोलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

महेंद्र भारद्वाज ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि वह 30 जनवरी, 2026 की शाम को कोटा से जयपुर जा रहे थे। सवाईमाधोपुर से कुछ दूरी आगे ट्रेन में बाथरूम का इस्तेमाल करने गए। जैसे ही उन्होंने टॉयलेट से बाहर निकलने की कोशिश की, डोर की अंदर लगी लैच (कुंडी) फ्री हो गई और दरवाजा खुलने का नाम नहीं ले रहा था।

उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई, लेकिन रेलवे स्टाफ और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उनके प्रयासों से टॉयलेट का दरवाजा खोला गया और भारद्वाज सुरक्षित बाहर आए। उन्होंने इस घटना को लेकर रेलवे कर्मचारियों की सराहना की।

रेलवे अधिकारियों ने भी इस मामले की पुष्टि की और बताया कि ट्रेन के टॉयलेट की जांच के बाद यह पता चला कि दरवाजे की लैच जाम हो गई थी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों के दौरान शांत रहें और रेलवे कर्मचारियों की मदद लें।

रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी पुराने या लगातार इस्तेमाल होने वाले टॉयलेट दरवाजों में लैच जाम हो जाती है। ऐसे मामलों में यात्रियों को धैर्य रखने और रेलवे कर्मचारियों की मदद लेने की सलाह दी जाती है।

महेंद्र भारद्वाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ट्रेन ने नियमित समय पर यात्रा जारी रखी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए थोड़ी डरावनी लेकिन सीखने वाली घटना रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यात्रियों को अपने अनुभव साझा करना चाहिए ताकि रेलवे सुधारात्मक कदम उठा सके।

स्थानीय और सोशल मीडिया पर इस घटना ने हलचल मचा दी। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में ट्वीट और पोस्ट किए, जबकि कुछ ने रेलवे स्टाफ की त्वरित मदद की सराहना की।

कुल मिलाकर, महेंद्र भारद्वाज के साथ यह अनोखी घटना रेलवे यात्राओं में होने वाले छोटे लेकिन असुविधाजनक हादसों की याद दिलाती है। इसके साथ ही यह घटना यह भी दर्शाती है कि रेलवे स्टाफ की तत्परता और सतर्कता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कितनी महत्वपूर्ण है।