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राजस्थान विधानसभा में आश्रम हॉस्टलों में बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद पर हंगामा

 

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आश्रम हॉस्टलों के लिए बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद का मुद्दा गरमाया। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने इस मामले को उठाते हुए मंत्री बाबूलाल खराड़ी से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने कहा कि आश्रम हॉस्टलों में बच्चों और युवाओं के लिए वितरित होने वाली खाद्य सामग्री की खरीद प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। बिना टेंडर के खरीद के चलते गुणवत्ता और लागत के मानकों की अनदेखी हुई, जिससे बच्चों के हितों पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने इस मामले में जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि खाद्य सामग्री खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया है और यह सुनिश्चित किया गया कि छात्रों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। उन्होंने यह भी कहा कि आपत्तियां कुछ गलतफहमियों के आधार पर उठाई जा रही हैं और विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

हालांकि, विपक्षी दलों ने मंत्री के जवाब को संतोषजनक नहीं माना और सवालों के सिलसिले को लगातार जारी रखा। सदन में यह मुद्दा गर्मागर्म बहस में बदल गया और कई सदस्य इसे लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सुनाई दिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में खाद्य सामग्री की खरीद में टेंडर प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है। यह न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करता है बल्कि गुणवत्ता और लागत नियंत्रण के लिए भी अहम है। बिना टेंडर की खरीद से वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ जाती है।

सदन में हुई बहस के दौरान यह भी चर्चा हुई कि आश्रम हॉस्टलों में बच्चों और युवाओं का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। इसलिए, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की कमी गंभीर मुद्दा बन सकती है।

सदन में विपक्ष ने यह भी कहा कि मंत्री और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में विस्तृत निदान और रिपोर्ट पेश करनी चाहिए। इसके माध्यम से यह स्पष्ट किया जा सके कि बच्चों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो रहा है।

मंत्री खराड़ी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि विभाग किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि आवश्यक सुधार और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें न आएँ।

इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा में जनजातीय क्षेत्रों के आश्रम हॉस्टलों में बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद का मुद्दा विधानसभा में गरमाया। मंत्री और विपक्ष के बीच बहस ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और बच्चों के हितों की सुरक्षा पर सदन की नजर सतर्क है।