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उदयपुर में हनुमान मंदिर पर यूडीए की कार्रवाई, वीडियो में देंखे जेसीबी से पक्का निर्माण ढहाया; लोगों ने किया विरोध

 

उदयपुर के जोगी तालाब स्थित वैदेही विहार में हनुमान मंदिर के पक्के निर्माण को हटाए जाने के बाद माहौल गर्मा गया। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की टीम ने शनिवार सुबह करीब 6 बजे जेसीबी की मदद से मंदिर के पक्के निर्माण और दीवार को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के मौके पर पहुंचने की जानकारी है, लेकिन तब तक यूडीए की टीम कार्रवाई पूरी कर वहां से रवाना हो चुकी थी।

मंदिर का निर्माण तोड़े जाने पर विरोध

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यूडीए की कार्रवाई की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने मंदिर का निर्माण तोड़े जाने का विरोध किया और यूडीए के खिलाफ नारेबाजी की। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।मामले की सूचना मिलने पर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी बात सुनी। विधायक ने लोगों को मामले में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

यूडीए ने बताई कार्रवाई की वजह

वहीं, यूडीए अधिकारियों का कहना है कि मंदिर के निर्माण को लेकर आसपास के कुछ लोगों की ओर से लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रिजर्व लैंड पर पक्का निर्माण कर मंदिर बनाया गया है।अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित पक्ष को पहले नोटिस दिया गया था। नोटिस में कहा गया था कि पक्के निर्माण को स्वेच्छा से हटा लिया जाए या मंदिर को किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाए। यूडीए का दावा है कि नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया।इसके बाद यूडीए की टीम ने सरकारी भूमि पर किए गए पक्के निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। शनिवार सुबह जेसीबी की मदद से मंदिर की दीवार और अन्य पक्के हिस्से को ढहा दिया गया।

कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी

मंदिर का निर्माण हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़ी कार्रवाई को लेकर उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के चलते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और विरोध जताया।वहीं, यूडीए अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई धार्मिक स्थल के आधार पर नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध पक्के निर्माण को लेकर की गई है। प्राधिकरण के मुताबिक कार्रवाई से पहले नोटिस की प्रक्रिया अपनाई गई थी।फिलहाल मंदिर निर्माण हटाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और यूडीए के बीच विवाद सामने आया है। मामले में आगे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर है।