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जयपुर में सीवरेज सफाई के दौरान दो वाल्मीकि बच्चों की मौत, पूर्व मंत्री ने सरकार पर उठाए सवाल

 

राजधानी जयपुर में सीवरेज सफाई के दौरान दो वाल्मीकि समुदाय के बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब सीवरेज लाइन की सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान दो बच्चे किसी तरह सीवरेज क्षेत्र में फंस गए और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

पूर्व मंत्री ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब सीवरेज या मैनहोल की सफाई के लिए इंसानों को सीधे तौर पर अंदर उतारना कानूनन प्रतिबंधित है, तो फिर इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण आज भी लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और मशीनों के उपयोग को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदले हैं। पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे सीवरेज क्षेत्र में कैसे पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।

इस घटना ने एक बार फिर सीवरेज सफाई व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों ने भी इस हादसे पर गहरी नाराजगी जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मैनुअल स्कैवेंजिंग पर रोक के बावजूद कई जगहों पर अभी भी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जाता है, जो इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बनता है। इस मामले में भी यह जांच का विषय है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना ने एक बार फिर शहर की सफाई व्यवस्था और मानव जीवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।