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रणथंभौर से दो बाघिनें लापता! वन विभाग में हड़कंप, कई दिनों से जारी है तलाश

 

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से दो बाघिनों के कथित तौर पर लापता होने की खबर ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कई दिनों से बाघिन RBT 2504 ‘माही’ और RBT 2510 का कोई सुराग नहीं मिलने के बाद विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। दोनों बाघिनों की लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमित मॉनिटरिंग के दौरान जब दोनों बाघिनें लंबे समय तक नजर नहीं आईं तो उनकी खोज शुरू की गई। रणथंभौर में बाघों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है और प्रत्येक बाघ की मूवमेंट रिकॉर्ड की जाती है। ऐसे में अचानक दो बाघिनों का गायब होना विभाग के लिए गंभीर मामला माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की टीमें जंगल के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। कैमरा ट्रैप, ट्रैकिंग और गश्ती दलों की मदद से दोनों बाघिनों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बाघ और बाघिनें अपने क्षेत्र से दूर नए इलाकों की ओर भी निकल जाते हैं। इसके अलावा जंगल के घने और दुर्गम क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी का पता लगाने में समय लग सकता है। हालांकि विभाग किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं कर रहा है।

राजस्थान वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है। वनकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और स्थानीय ग्रामीणों से भी किसी प्रकार की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।

रणथंभौर देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है और यहां की बाघिनें पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहती हैं। ऐसे में दो बाघिनों के अचानक गायब होने से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है।

फिलहाल वन विभाग लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों बाघिनों का पता लगा लिया जाएगा। विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है।