मेयर चुनाव से दो दिन पहले कांग्रेस पार्षद का क्लिनिक सीज, FIR दर्ज; पार्षद बोले- ‘हमें दबाना चाहते हैं’
मेयर चुनाव से ठीक दो दिन पहले कांग्रेस के एक पार्षद से जुड़े क्लिनिक को सीज किए जाने और एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के बाद पार्षद ने इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कार्रवाई के पीछे प्रशासन की ओर से बताए गए कारण और मामले की पूरी कानूनी स्थिति अलग से देखी जानी है।
क्लिनिक सीज किए जाने की कार्रवाई के बाद कांग्रेस पार्षद ने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई का मकसद उन्हें प्रभावित करना है। पार्षद ने साफ तौर पर कहा कि वह कांग्रेस के साथ हैं और मेयर चुनाव में कांग्रेस को ही वोट देंगे।
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस और संबंधित विभाग की कार्रवाई भी चर्चा में है। चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अधिकारियों की ओर से सामने आने वाले तथ्यों से ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
मेयर चुनाव को लेकर नगर निकाय में पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में चुनाव से पहले किसी पार्षद के खिलाफ कार्रवाई होने पर राजनीतिक विवाद खड़ा होना स्वाभाविक है। कांग्रेस पार्षद ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है, जबकि मामले में लगाए गए आरोपों और कार्रवाई के आधार की जांच की जा रही है।
फिलहाल क्लिनिक सीज करने और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। पार्षद के बयान ने चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई के कारणों और आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।