RTO टैक्स वसूली में नाकाम परिवहन विभाग, अब BH सीरीज वाहन मालिकों से एक साथ वसूले जा रहे 6 साल के रजिस्ट्रेशन शुल्क
परिवहन विभाग की ओर से टैक्स वसूली को लेकर अपनाई जा रही व्यवस्था का भार अब वाहन मालिकों पर पड़ रहा है। RTO स्तर पर टैक्स वसूली में आ रही दिक्कतों के बीच BH सीरीज के वाहनों का छह साल का रजिस्ट्रेशन शुल्क एक साथ जमा कराया जा रहा है। इससे वाहन मालिकों को एकमुश्त बड़ी रकम चुकानी पड़ रही है।
BH सीरीज यानी भारत सीरीज के तहत रजिस्टर्ड वाहनों की सुविधा खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए है, जिनकी नौकरी के कारण अलग-अलग राज्यों में तबादला होता रहता है। इस व्यवस्था में वाहन को दूसरे राज्य में ले जाने पर बार-बार नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए वाहन मालिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार समय-समय पर मोटर वाहन टैक्स जमा करना होता है।
लेकिन अब छह साल का रजिस्ट्रेशन शुल्क एक साथ जमा कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वाहन मालिकों पर एकमुश्त भुगतान का दबाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि शुल्क जमा करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि उन्हें अचानक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, परिवहन विभाग की टैक्स वसूली व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि विभाग नियमित रूप से टैक्स वसूली नहीं कर पा रहा है, तो उसका असर वाहन मालिकों पर क्यों पड़ रहा है, यह चर्चा का विषय बन गया है।
BH सीरीज के वाहन मालिकों के लिए छह साल का शुल्क एक साथ जमा कराना कितना अनिवार्य है और इसकी गणना किस आधार पर की जा रही है, इस पर विभाग की विस्तृत स्थिति सामने आना जरूरी है। फिलहाल इस व्यवस्था से वाहन मालिकों के बीच असमंजस और नाराजगी की स्थिति बन रही है।