उदयपुर के ओबरॉय उदय विलास में टूरिस्ट 5.74 लाख का बिल छोड़कर फरार, वीडियो में जाने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर किया भुगतान से इनकार
उदयपुर के पांच सितारा होटल द ओबरॉय उदय विलास में ठहरे एक पर्यटक पर लाखों रुपये का बिल चुकाए बिना जाने का मामला सामने आया है। पर्यटक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ होटल में 10 दिन तक रुका और इस दौरान उसने होटल की कई सुविधाओं का इस्तेमाल किया। चेक आउट के समय जब होटल प्रबंधन ने 5.74 लाख रुपये का बिल मांगा तो पर्यटक ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
मामले को लेकर होटल के लायजनिंग मैनेजर रविंद्र सिंह ने उदयपुर के अंबामाता थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला ट्रैवल एजेंसी के साथ मिलकर की गई धोखाधड़ी जैसा नजर आ रहा है।अंबामाता थाना पुलिस के सब इंस्पेक्टर अजयराज सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2026 को मेकर बाहा ट्रैवल एजेंसी की ओर से ई-मेल के जरिए दिल्ली निवासी अनुराग यादव के ठहरने की बुकिंग कराई गई थी। इसके बाद अनुराग यादव अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ 14 अगस्त से 23 अगस्त तक होटल में ठहरा।
पुलिस के अनुसार, होटल में रहने के दौरान अनुराग यादव ने कमरे के अलावा लंच, डिनर और अन्य सेवाओं का भी इस्तेमाल किया। 10 दिन तक होटल की सुविधाओं का लाभ लेने के बाद 24 अगस्त को चेक आउट का समय आया। इस दौरान होटल प्रबंधन ने कुल 5.74 लाख रुपये का बिल भुगतान के लिए दिया, लेकिन अनुराग यादव ने बिल चुकाने से मना कर दिया।आरोप है कि अनुराग ने होटल प्रबंधन से कहा कि इस बिल का भुगतान ट्रैवल एजेंसी करेगी। हालांकि, ट्रैवल एजेंसी ने होटल को बताया कि बुकिंग के दौरान ऐसी कोई व्यवस्था या भुगतान संबंधी डील तय नहीं की गई थी। एजेंसी ने पर्यटक के बिल की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
होटल प्रबंधन के अनुसार, पर्यटक ने होटल की सेवाओं का पूरा उपयोग किया, लेकिन भुगतान के समय जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। इसके बाद होटल की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।सब इंस्पेक्टर अजयराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ट्रैवल एजेंसी और पर्यटक के बीच हुई बातचीत, बुकिंग प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके अलावा होटल में ठहरने के दौरान पर्यटक की गतिविधियों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अनुराग यादव दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि होटल का बिल जानबूझकर नहीं चुकाया गया या इसके पीछे कोई अन्य विवाद था।पांच सितारा होटल में इस तरह का मामला सामने आने के बाद होटल प्रबंधन की सुरक्षा और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में पर्यटक और ट्रैवल एजेंसी की भूमिका क्या रही।