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जयपुर में टमाटर की कीमतों में बड़ा अंतर, मंडी में 15 रुपये तो बाजार में 100 रुपये किलो तक बिक रहा टमाटर

 

राजधानी जयपुर में टमाटर की कीमतों को लेकर बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जहां मुहाना फल एवं सब्जी मंडी में टमाटर अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर उपलब्ध है, वहीं खुदरा बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ग्रोसरी स्टोर्स पर उपभोक्ताओं को इसके लिए कई गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।

मंडी में सस्ते भाव, बाजार में महंगा टमाटर

व्यापारियों के अनुसार, मुहाना फल एवं सब्जी मंडी में स्थानीय टमाटर 15 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। वहीं अन्य राज्यों से आने वाला टमाटर 34 से 35 रुपये प्रति किलो के आसपास उपलब्ध है।

इसके विपरीत शहर के खुदरा बाजारों में यही टमाटर 50 से 80 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और प्रीमियम ग्रोसरी स्टोर्स में इसकी कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ

थोक और खुदरा कीमतों के बीच इतना बड़ा अंतर उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल रहा है। ग्राहकों का कहना है कि मंडी में कम दाम होने के बावजूद खुदरा स्तर पर कीमतें कम नहीं हो रही हैं, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

परिवहन और मार्जिन का असर

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर की एक वजह परिवहन, भंडारण, खराब होने का जोखिम और खुदरा विक्रेताओं का मार्जिन भी है। हालांकि उपभोक्ताओं का मानना है कि कीमतों में यह अंतर सामान्य सीमा से कहीं अधिक है।

स्थानीय टमाटर की बढ़ी आवक

मुहाना मंडी में इन दिनों स्थानीय क्षेत्रों से टमाटर की आवक बढ़ी है, जिसके कारण थोक कीमतों में गिरावट आई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आवक इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

ऑनलाइन और किराना स्टोर्स पर अधिक कीमत

ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और बड़े ग्रोसरी स्टोर्स पर ग्राहकों को टमाटर के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुविधा शुल्क, पैकेजिंग और डिलीवरी लागत भी कीमत बढ़ने का एक कारण है।

कीमतों पर निगरानी की मांग

उपभोक्ताओं ने थोक और खुदरा कीमतों के बीच बढ़ते अंतर पर निगरानी रखने और उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंडी में सस्ती सब्जियां उपलब्ध होने का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

जयपुर में टमाटर की कीमतों को लेकर बना यह अंतर फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि मंडियों में आवक बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।