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तीर्थराज पुष्कर को मिलेगा नया स्वरूप, घाट-मंदिरों का होगा सुंदरीकरण

 

राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल Pushkar को अब एक नया और भव्य स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की ओर से यहां स्थित प्राचीन घाटों और मंदिरों के व्यापक सुंदरीकरण की योजना पर काम किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, पुष्कर झील के आसपास स्थित सभी प्रमुख घाटों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित सीढ़ियों और बैठने की उचित सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। साथ ही घाटों की पारंपरिक स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

Pushkar Lake के आसपास बढ़ती भीड़ और धार्मिक महत्व को देखते हुए प्रशासन इस क्षेत्र को और अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। विशेष रूप से कार्तिक पूर्णिमा और वार्षिक पुष्कर मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसके अलावा, पुष्कर के ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है। मंदिरों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए उनके रंग-रोगन, मरम्मत और आसपास के क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि धार्मिक आस्था और विरासत दोनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

योजना के तहत घाटों पर स्वच्छ पेयजल, डिजिटल सूचना बोर्ड, बेहतर भीड़ प्रबंधन प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग की संभावना भी जताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से पुष्कर के पर्यटन और धार्मिक महत्व में और वृद्धि होगी। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो पुष्कर की पहचान एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत होगी।

फिलहाल यह योजना प्रारंभिक चरण में है और जल्द ही इसके विस्तृत प्रस्ताव और बजट से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद पुष्कर के घाटों और मंदिरों के कायाकल्प का कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा।