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आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले पर विधानसभा में टीकाराम जूली ने सरकार पर बोला हमला

 

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। घोटाले में प्रदेश के लाखों निवेशकों की जमा पूंजी डूब चुकी है, और इस मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय सरकार आरोपियों को संरक्षण देने का काम कर रही है।

टीकाराम जूली ने कहा कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले में निवेशकों के पैसे के सुरक्षित होने की जिम्मेदारी सरकार की थी, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने विधानसभा में यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बजाय उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण दिया जा रहा है।

विपक्ष ने सदन में सवाल उठाया कि लाखों निवेशकों की आर्थिक हानि को देखते हुए सरकार कब तक राहत और न्याय प्रदान करेगी। जूली ने कहा कि इस घोटाले ने केवल निवेशकों की वित्तीय स्थिति को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि राज्य में कोऑपरेटिव सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी गंभीर असर डाला है।

इस पर सरकार की ओर से किसी जवाब में कहा गया कि मामला जांच के दायरे में है और संबंधित विभाग सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है। हालांकि, विपक्ष ने इसे अपूर्ण और समय की देरी वाला जवाब बताते हुए कहा कि इससे निवेशकों की नाराजगी और बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले जैसे मामले न केवल निवेशकों के विश्वास को तोड़ते हैं, बल्कि राज्य में कोऑपरेटिव सेक्टर के विकास और वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी है।

टीकाराम जूली ने यह भी कहा कि सरकार को घोटाले के पीड़ितों को आर्थिक राहत देने के लिए विशेष पैकेज और त्वरित कार्रवाई की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ेगा और भविष्य में कोऑपरेटिव सेक्टर में निवेश के प्रति उत्साह कायम रहेगा।

विधानसभा में यह बहस इस बात का संकेत है कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला राज्य की राजनीति और वित्तीय व्यवस्थाओं में गंभीर मुद्दा बन चुका है। विपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कदम नहीं उठाए तो विधानसभा में और कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

इस घोटाले के परिणामस्वरूप लाखों परिवार वित्तीय और मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कई निवेशक अपनी जमा पूंजी खो चुके हैं, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति की बरामदगी में भी लगातार देरी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन और न्यायपालिका की भूमिका समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होती है।

राजस्थान विधानसभा में इस बहस ने स्पष्ट कर दिया कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले का मामला राज्य के लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। राज्य सरकार पर अब जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए और घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।