रणथंभौर में बाघिन शक्ति और उसके शावकों की अठखेलियां, वीडियो में जाने 2 घंटे तक पर्यटकों ने किए दीदार, कैमरों में कैद हुआ मां का लाड़-प्यार
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में टूरिस्ट सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की रौनक बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में सैलानी जंगल सफारी के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच बाघ-बाघिनों की साइटिंग पर्यटकों के रोमांच को और बढ़ा रही है। शुक्रवार सुबह की पारी में जोन नंबर 4 में पर्यटकों को बाघिन शक्ति और उसके दोनों शावकों के दीदार हुए। जंगल में मां और शावकों के बीच प्यार भरे पल देखकर सैलानी उत्साहित हो उठे। पर्यटकों ने इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों में कैद कर लिया।
सेमली वन क्षेत्र में दिखाई दी बाघिन शक्ति
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जोन नंबर 4 में सफारी करने गए पर्यटकों को सेमली वन क्षेत्र में बाघिन शक्ति अपने दोनों शावकों के साथ नजर आई। बाघिन एक चट्टान के पास बैठी हुई थी और करीब 15 से 20 मिनट तक वहीं आराम करती रही। उसके दोनों शावक कुछ दूरी पर एक पेड़ के पास बैठे दिखाई दिए।जंगल के प्राकृतिक माहौल में बाघिन और उसके शावकों को इस तरह आराम करते देख पर्यटकों में खासा उत्साह रहा। सफारी वाहन में मौजूद सैलानी काफी देर तक उनकी गतिविधियों को देखते रहे।
शावक के पास पहुंची बाघिन, दुलारते दिखी
कुछ समय बाद बाघिन शक्ति अपने शावकों के पास पहुंची। इस दौरान वह अपने एक शावक को दुलारती नजर आई। मां और शावक के बीच स्नेह के इस पल ने पर्यटकों का ध्यान खींच लिया। जंगल में वन्यजीवों के इस सहज व्यवहार को देखकर सैलानी रोमांचित हो उठे और उन्होंने तस्वीरों व वीडियो के जरिए इस दृश्य को कैमरे में कैद किया।पर्यटकों ने करीब दो घंटे तक बाघिन शक्ति और उसके दोनों शावकों की गतिविधियों को निहारा। रणथंभौर में बाघों की साइटिंग वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए हमेशा खास आकर्षण रहती है। ऐसे में बाघिन और उसके शावकों का एक साथ दिखाई देना सफारी पर पहुंचे सैलानियों के लिए यादगार अनुभव बन गया।
टूरिस्ट सीजन में बढ़ रही पर्यटकों की रौनक
रणथंभौर में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही सफारी के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। बाघों और अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने की चाह सैलानियों को यहां खींच लाती है। लगातार हो रही साइटिंग से पर्यटकों का उत्साह भी बढ़ रहा है।शुक्रवार सुबह जोन नंबर 4 में बाघिन शक्ति और उसके दोनों शावकों की मौजूदगी ने सफारी को खास बना दिया। मां का अपने शावकों के साथ समय बिताने का यह दृश्य पर्यटकों के लिए जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों के व्यवहार को करीब से देखने का अवसर रहा।