त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर फिर दिखा बाघ, ‘मलंग’ की मौजूदगी से दहशत
त्रिनेत्र गणेश मंदिर मंदिर जाने वाला मार्ग अब पूरी तरह बाघों की टेरेटरी बनता जा रहा है। पिछले एक वर्ष से इस क्षेत्र में लगातार बाघ और बाघिनों का मूवमेंट देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल बना हुआ है।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक बार फिर बाघ आरबीटी-2511 ‘मलंग’ मंदिर मार्ग पर दिखाई दिया। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने दूरी बनाए रखी।
वन विभाग के अनुसार, यह इलाका अब वन्यजीवों की नियमित गतिविधियों का हिस्सा बन चुका है, जहां बाघों का आना-जाना लगातार जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल क्षेत्र में शिकार और पानी की उपलब्धता के कारण बाघ इस मार्ग पर सक्रिय रहते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इस रास्ते पर बाघों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। श्रद्धालुओं को भी सतर्कता के साथ यात्रा करनी पड़ रही है।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी और लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से इस मार्ग पर न जाएं और पूरी सावधानी बरतें।
कुल मिलाकर, त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघों की लगातार मौजूदगी ने इस क्षेत्र को संवेदनशील बना दिया है, जहां मानव और वन्यजीव सह-अस्तित्व की चुनौती साफ नजर आ रही है।