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जयपुर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर शिवाजी का हमला, वीडियो में जाने घास काटने गई महिला मजदूर की मौत

 

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां टाइगर शिवाजी के हमले में एक महिला मजदूर की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद पार्क प्रशासन और वन विभाग में हड़कंप मच गया। मृतक महिला की पहचान सुगना देवी के रूप में हुई है, जो पार्क में घास काटने के काम के लिए गई थी।

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जानकारी के मुताबिक, सुगना देवी अन्य महिला मजदूरों के साथ टाइगर के एन्क्लोजर यानी बाड़े के अंदर घास काटने पहुंची थी। इसी दौरान टाइगर शिवाजी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। महिला मजदूरों का कहना है कि घटना के वक्त टाइगर अपने पिंजरे के अंदर बंद था, लेकिन कुछ देर बाद पिंजरे का गेट खुल गया और टाइगर बाहर आ गया।साथ काम करने वाली महिला मजदूर कमला देवी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात महिलाएं घास काटने के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंची थीं। करीब 9 बजे वे टाइगर शिवाजी के एन्क्लोजर के अंदर गईं। उस समय टाइगर पिंजरे में बंद था। लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद अचानक टाइगर बाहर निकल आया और उसने महिलाओं पर हमला कर दिया।

कमला देवी के अनुसार, टाइगर को बाहर आते देख सभी महिलाएं घबरा गईं और अपनी जान बचाने के लिए भागने लगीं। पांच महिलाएं किसी तरह बाड़े से बाहर निकलने में सफल रहीं, जबकि एक महिला डर के कारण पेड़ के पीछे छिप गई। इसी दौरान सुगना देवी ने भी बचने की कोशिश की और एन्क्लोजर के लोहे के जाल पर चढ़ने लगीं, लेकिन टाइगर ने उन्हें नीचे खींच लिया और हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद महिला का शव काफी देर तक घटनास्थल पर ही पड़ा रहा। जानकारी के अनुसार दोपहर 12 बजे तक भी सुगना देवी का शव टाइगर के बाड़े के अंदर ही मौजूद था। इस दौरान पार्क प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की।

हादसे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। महिला मजदूरों ने दावा किया है कि जब वे एन्क्लोजर में गई थीं, तब टाइगर पिंजरे में बंद था। ऐसे में पिंजरे का गेट कैसे खुला, इसकी जांच की जा रही है। पार्क प्रशासन की ओर से घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में हुई इस घटना से वहां काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों में डर का माहौल है। वहीं, वन विभाग अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने में जुट गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। इस हादसे ने एक बार फिर वन्यजीवों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।