थौलाई-अस्थल में पागल जरख का हमला, महिला समेत तीन लोग घायल
थौलाई और अस्थल गांव में बुधवार को पागल जरख के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले में एक महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक जंगल से आए इस जरख ने हमला किया, जिससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सुरक्षित बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पिछले कुछ दिनों से यह जरख असामान्य व्यवहार कर रहा था और अब उसने हमला कर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
वन विभाग ने मामले में तत्काल कदम उठाते हुए जरख को पकड़ने के लिए पिंजरा मंगवाया है। विभाग के अधिकारीयों ने कहा कि इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले बाहर न निकलें और बच्चों तथा बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
वन विभाग ने बताया कि पागल जरख के हमले का मुख्य कारण संभवतः रेबीज या अन्य बीमारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा जानवर सामान्यतः अपने क्षेत्र में हमला नहीं करता, लेकिन बीमारी और भूख के कारण यह आक्रामक हो सकता है। विभाग की टीम इलाके में घूम-घूमकर जरख को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए तैयार है।
स्थानीय लोग भी वन विभाग के साथ मिलकर आवश्यक सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में शोर-शराबा करने और तेज आवाज करने से जानवर को दूर रखा जा सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की समय पर कार्रवाई से भविष्य में किसी और हमले की संभावना कम हो जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पालतू और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। यह अक्सर जंगल की कटाई, भोजन की कमी और जानवरों के बीमार होने के कारण होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी जंगली जानवर के संपर्क में आने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
वन विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी घायल या असामान्य व्यवहार करने वाले जानवर के पास न जाएं। यदि जरख का सामना हो जाए, तो सुरक्षित दूरी बनाए रखें और विभाग को तुरंत सूचित करें।
इस घटना से थौलाई और अस्थल गांव में लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया है। हालांकि वन विभाग और ग्रामीणों के सतर्क कदमों के कारण स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही जरख को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया जाएगा और गांववासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस तरह, थौलाई और अस्थल गांव में पागल जरख के हमले ने एक बार फिर ग्रामीणों को सतर्क किया है। वन विभाग की सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा।