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रणथंभौर के मशहूर बाघ T-25 की कहानी: 2007 में हुआ जन्म, वीडियो में जाने बाघिन T-22 और नर बाघ T-20 का था शावक

 

रणथंभौर नेशनल पार्क के चर्चित बाघ टी-25 (T-25) का जन्म वर्ष 2007 में हुआ था। वह रणथंभौर के प्रसिद्ध बाघ परिवार का हिस्सा था और अपनी मजबूत कद-काठी तथा क्षेत्र पर प्रभावी पकड़ के लिए जाना जाता था।

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वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, टी-25 की मां बाघिन टी-22 (लोहपुर-नगदी क्षेत्र) थी, जबकि उसके पिता नर बाघ टी-20 (झुमरू) थे। दोनों ही रणथंभौर के प्रमुख बाघों में गिने जाते थे और उनके वंश ने पार्क की बाघ आबादी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टी-25 ने अपने जीवनकाल में रणथंभौर के कई इलाकों में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच भी वह काफी लोकप्रिय रहा। उसकी गतिविधियों पर वन विभाग लगातार निगरानी रखता था और वह पार्क के चर्चित बाघों में शामिल रहा।

रणथंभौर नेशनल पार्क में प्रत्येक बाघ की पहचान उसके विशिष्ट कोड और क्षेत्र के आधार पर की जाती है। टी-25 भी ऐसे बाघों में शामिल था, जिसकी वंशावली और गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड वन विभाग के पास उपलब्ध रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, टी-25 जैसे बाघ न केवल रणथंभौर की जैव विविधता के प्रतीक रहे हैं, बल्कि बाघ संरक्षण कार्यक्रमों की सफलता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।