गहलोत-पायलट बयानबाज़ी से फिर गर्माया सियासी माहौल, वीडियो में जाने पुराने रिश्तों पर दोनों नेताओं की नरमी
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot और पूर्व उपमुख्यमंत्री Sachin Pilot के बीच बयानबाज़ी ने सुर्खियां बटोर ली हैं। दोनों नेताओं के हालिया बयानों के बाद राज्य का सियासी माहौल फिर से चर्चा में आ गया है। दरअसल, 7 जून को अशोक गहलोत ने 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था कि 25 सितंबर 2022 की कथित बगावत सचिन पायलट के खिलाफ थी और उस समय विधायकों की भावना थी कि पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह बात उन्होंने दिल से कही थी और वह अपने “दिल की बात” सामने रख रहे थे।
गहलोत के इस बयान के बाद सचिन पायलट की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने कहा कि गहलोत का उनके प्रति स्नेह और लगाव वैसा ही है जैसा अन्य लोगों के प्रति भी रहा है, और उनके बीच व्यक्तिगत स्तर पर कोई कटुता नहीं है। पायलट के इस बयान को सुलह और नरमी के संकेत के रूप में देखा गया।
इसके बाद अशोक गहलोत ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पायलट ने जो कहा वह सही है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। गहलोत ने आगे कहा कि वे और पायलट एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और बचपन में भी उनके परिवारों के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं।गहलोत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर कोई दुश्मनी नहीं है और समय-समय पर राजनीतिक परिस्थितियों के कारण मतभेद की स्थिति बनती रही है, लेकिन रिश्तों में कड़वाहट नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयानबाज़ी राजस्थान कांग्रेस के भीतर पुराने मतभेदों की याद जरूर दिलाती है, लेकिन हालिया टिप्पणियों में दोनों नेताओं की ओर से नरमी के संकेत भी देखे जा रहे हैं।फिलहाल यह मुद्दा राज्य की राजनीति में फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है और सभी की नजरें आगे आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।