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पाकिस्तान से ड्रग तस्करी का बदला पैटर्न, ड्रोन से गिराई हेरोइन अब बाइक-स्कूटी से पहुंच रही सेफ हाउस तक

 

पाकिस्तान से भारत में ड्रग्स की तस्करी के तरीके में बड़ा बदलाव सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला है कि अब तस्कर ड्रोन के जरिए सीमा पार से हेरोइन गिराने के बाद उसे खेतों और ग्रामीण रास्तों से होते हुए बाइक और स्कूटी के जरिए सुरक्षित ठिकानों (सेफ हाउस) तक पहुंचा रहे हैं। इसके बाद नशे की खेप को पंजाब, दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।

पिछले छह महीनों में एजेंसियों ने बाइक और स्कूटी सवार तस्करों से करीब 120 करोड़ रुपए कीमत की हेरोइन बरामद की है। जांच में सामने आया है कि तस्कर अब बड़े वाहनों की जगह छोटे दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

जानकारी के अनुसार, करीब छह महीने पहले इस नए तस्करी पैटर्न का पहला मामला सामने आया था। एक सड़क हादसे ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया था। दरअसल, एक तस्कर की स्कूटी नीलगाय से टकरा गई थी, जिससे वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। हादसे के बाद जब पुलिस ने स्कूटी की जांच की तो उसमें छिपाकर रखी गई हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद जांच एजेंसियों ने तस्करी के इस नए तरीके की पड़ताल शुरू की।

जांच में पता चला कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में ड्रग्स की खेप गिराई जाती है। तस्कर पहले से तय स्थानों से इसे उठाते हैं और फिर खेतों व सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करते हुए दोपहिया वाहनों से सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते हैं। इन ठिकानों से आगे बड़े नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की जाती है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह नया तरीका चुनौती बन गया है, क्योंकि बाइक और स्कूटी आम लोगों की तरह सड़कों पर आसानी से चल सकती हैं और इनकी पहचान करना मुश्किल होता है। तस्कर ग्रामीण इलाकों के रास्तों का इस्तेमाल कर पुलिस की निगरानी से बचने की कोशिश करते हैं।

एजेंसियों ने अब सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों और बिना नंबर या संदिग्ध तरीके से चल रहे दोपहिया वाहनों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि ड्रग तस्करी का यह बदला हुआ तरीका बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। बरामदगी के आधार पर अब एजेंसियां उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जो इस पूरे सप्लाई चैन को संचालित कर रहे हैं। मामले में लगातार जांच और कार्रवाई जारी है।