हाड़ौती के दोनों टाइगर रिजर्व में बढ़ा बाघों का कुनबा, वीडियो में जाने एक साल में संख्या 6 से बढ़कर 15 हुई
अंतरराष्ट्रीय टाइगर डे के अवसर पर राजस्थान के हाड़ौती संभाग से वन्यजीव संरक्षण के लिए उत्साहजनक खबर सामने आई है। कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक साल पहले दोनों टाइगर रिजर्व में कुल 6 बाघ थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बाघों की बढ़ती संख्या से वन विभाग उत्साहित है और दोनों अभयारण्यों में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिली है।
दोनों टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की संख्या
वन विभाग के अनुसार, मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बेहतर संरक्षण, निगरानी और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण के कारण बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों की भी इन दोनों टाइगर रिजर्व में रुचि बढ़ी है। बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी के जरिए बाघों और अन्य वन्यजीवों को देखने पहुंच रहे हैं।
मुकुंदरा की सबसे बड़ी पहचान है बोट सफारी
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व राजस्थान का एकमात्र टाइगर रिजर्व है, जहां पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ बोट सफारी का भी आनंद ले सकते हैं। रिजर्व के बीचों-बीच बहने वाली चंबल नदी इस क्षेत्र को देश के सबसे अनूठे टाइगर रिजर्व में शामिल करती है।बोट सफारी के दौरान पर्यटकों को लेपर्ड (तेंदुआ), स्लॉथ बियर (रीछ) समेत कई वन्यजीवों की साइटिंग का अवसर मिलता है। इसके साथ ही चंबल नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, घाटियां और हरियाली इस सफर को और भी यादगार बना देती हैं।
दोनों रिजर्व में तीन-तीन सफारी रूट
वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी दोनों टाइगर रिजर्व में तीन-तीन सफारी रूट विकसित किए हैं। इन मार्गों पर नियमित जंगल सफारी संचालित की जा रही है, जहां पर्यटक बाघों के अलावा हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, भालू, तेंदुआ और विभिन्न पक्षी प्रजातियों को भी देख सकते हैं।
2013 और 2022 में बने थे टाइगर रिजर्व
मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सुगनाराम जाट ने बताया कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की स्थापना वर्ष 2013 में की गई थी, जबकि रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व को वर्ष 2022 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला। दोनों क्षेत्रों में बाघ संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।उन्होंने कहा कि मुकुंदरा हिल्स अपनी भौगोलिक संरचना और प्राकृतिक विविधता के कारण देश के सबसे खास टाइगर रिजर्व में से एक माना जाता है। यहां बहने वाली चंबल नदी पूरे इकोसिस्टम को समृद्ध बनाती है और वन्यजीवों के लिए अनुकूल आवास उपलब्ध कराती है।
संरक्षण और पर्यटन को मिल रही नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रयास प्रभावी साबित हो रहे हैं। इससे न केवल जैव विविधता को मजबूती मिलेगी, बल्कि इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ हाड़ौती क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा।अंतरराष्ट्रीय टाइगर डे के अवसर पर सामने आए ये आंकड़े राजस्थान में बाघ संरक्षण की सफलता की कहानी बयां करते हैं। वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में दोनों टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और बढ़ेगी तथा यह क्षेत्र वन्यजीव प्रेमियों के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।