मोदी सरकार का देश में जातिगत जनगणना करवाने का फैसला, राजस्थान के कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के देखें बयान?
बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने देश में जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला लिया है। विपक्षी दलों द्वारा यह मांग लंबे समय से की जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोल रहे थे। आपको बता दें कि भारत में जाति आधारित जनगणना की मांग काफी पुरानी है।
कांग्रेस और राजद कह रहे हैं कि सरकार को हमारी मांगों के आगे झुकना पड़ा है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जाति जनगणना पर फैसला देश में न्याय के लिए राहुल गांधी के संकल्प की प्रतिध्वनि और कांग्रेस की नीति की जीत है।
कांग्रेस 50% आरक्षण की दीवार हटाएगी- डोटासरा
डोटासरा ने कहा कि जातिगत जनगणना से न्याय मिलेगा और कांग्रेस 50 फीसदी आरक्षण की दीवार हटा देगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी के न्याय के प्रति दृष्टिकोण और संकल्प ने आज देश की दो-तिहाई वंचित आबादी के विकास के लिए न्याय की नींव रख दी है। अंततः केंद्र की मोदी सरकार को राहुलजी की जाति आधारित जनगणना की मांग माननी पड़ी। राहुल जी ने जाति आधारित जनगणना का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक बड़े साहस के साथ उठाया है, जिसके आगे भाजपा को झुकना पड़ा है।
उन्होंने कहा, "अब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही आरक्षण पर लगी 50 फीसदी की सीमा हटा दी जाएगी और आबादी के अनुपात में हिस्सा दिया जाएगा। क्योंकि सामाजिक न्याय, वंचितों की भागीदारी और देश में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना जरूरी है।"
केंद्र सरकार ने सही फैसला लिया है- राठौड़
राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सरकार पहले से ही जनगणना करा रही है और इसमें जाति का कॉलम भी जोड़ा जाएगा। कई पार्टियां मांग कर रही थीं कि केंद्र सरकार ने सही फैसला लिया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह फैसला सामाजिक ढांचे और संविधान में स्पष्ट प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि 1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं हुई है. मनमोहन सिंह ने जाति जनगणना की बात की. कांग्रेस ने जाति जनगणना के मुद्दे का इस्तेमाल केवल अपने फायदे के लिए किया है।