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जयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन जांच के बाद बदला गणित, वीडियो में जाने वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी आउट; वार्ड 98 में BJP के खिलाफ बगावत

 

जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कई वार्डों का चुनावी गणित बदल गया है। जांच के दौरान बड़ी संख्या में नामांकन खारिज किए गए हैं। अकेले जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 338 नामांकन रद्द होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद कई वार्डों में मुकाबले की तस्वीर पहले से अलग हो गई है।

वार्ड 111 में कांग्रेस को झटका

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जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 111 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन खारिज हो गया है। नामांकन रद्द होने के बाद इस वार्ड में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और पार्टी के सामने चुनावी रणनीति को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।वहीं वार्ड नंबर 146 में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा की ओर से अधिकृत प्रत्याशी का नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण कांग्रेस के सामने भाजपा का कोई अधिकृत उम्मीदवार मैदान में नहीं है। ऐसे में इस वार्ड में मुकाबले का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।नामांकन जांच के बाद अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होने लगी है। आगामी 4 सितंबर को पात्र प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने हैं, जिसके बाद चुनाव प्रचार और तेज होने की उम्मीद है।

वार्ड 98 में भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध

दूसरी ओर टिकट वितरण को लेकर भाजपा के भीतर भी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 98 में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए पार्टी के घोषित प्रत्याशी सुभाष सिंघी को टिकट दिए जाने का विरोध किया।नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने वार्ड में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि जिन कार्यकर्ताओं ने संगठन के लिए लगातार काम किया, उन्हें टिकट देने के बजाय ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया, जो स्थानीय स्तर पर लंबे समय से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं रहा।कार्यकर्ताओं ने इसे पैराशूट उम्मीदवार को टिकट देने का फैसला बताते हुए पार्टी नेतृत्व से प्रत्याशी के चयन पर दोबारा विचार करने की मांग की। वार्ड 98 का विवाद अब भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि चुनाव से ठीक पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी वोटों के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।

भाजपा में पहले से दिख रही टिकट को लेकर नाराजगी

जयपुर नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा में टिकट वितरण को लेकर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी के अंदर कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और संभावित दावेदारों की नाराजगी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर टिकट को लेकर विरोध और बगावत की स्थिति पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।वहीं कांग्रेस में भी टिकट वितरण को लेकर असंतोष की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में बनाए रखना और नाराज कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना बड़ी चुनौती होगी।नामांकन जांच के बाद अब जयपुर नगर निगम चुनाव में असली तस्वीर तेजी से साफ हो रही है। कहीं प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से मुकाबला बदल गया है तो कहीं पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार मैदान में नहीं होने से चुनावी समीकरण पूरी तरह पलट गया है। दूसरी तरफ टिकट को लेकर अंदरूनी नाराजगी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चुनावी प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी है।