उड़ान के दौरान गायब हुआ ट्रेनी विमान का बायां टायर, डेढ़ घंटे बाद ट्रेनर और पायलट को चला पता
राजस्थान के किशनगढ़ एयरपोर्ट से ट्रेनिंग उड़ान पर निकले एक विमान को लेकर हैरान करने वाली घटना सामने आई है। अवन्या एविएशन का ट्रेनी विमान गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे किशनगढ़ एयरपोर्ट से प्रशिक्षण उड़ान के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रेनर और ट्रेनी पायलट को पता चला कि विमान का बायां टायर गायब है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विमान की सुरक्षा और संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, विमान ने किशनगढ़ एयरपोर्ट से नियमित ट्रेनिंग फ्लाइट के तहत उड़ान भरी थी। विमान में करीब पांच घंटे के फ्लाई टाइम के हिसाब से पर्याप्त ईंधन मौजूद था। शुरुआत में उड़ान सामान्य रही, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रेनर और ट्रेनी पायलट को विमान के बाएं टायर के गायब होने की जानकारी मिली।
उड़ान के दौरान सामने आई परेशानी
बताया जा रहा है कि विमान के उड़ान भरने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य था। करीब डेढ़ घंटे की उड़ान पूरी होने के बाद जब विमान के लैंडिंग गियर से संबंधित स्थिति पर ध्यान गया तो पता चला कि बायां टायर अपनी जगह पर नहीं है। इसके बाद विमान में मौजूद ट्रेनर और ट्रेनी पायलट के सामने सुरक्षित लैंडिंग की चुनौती खड़ी हो गई।
विमान में करीब पांच घंटे की उड़ान के लिए ईंधन मौजूद होने के कारण पायलटों के पास स्थिति का आकलन करने और आगे की प्रक्रिया तय करने के लिए पर्याप्त समय था। ऐसे मामलों में विमान की सुरक्षित लैंडिंग सबसे महत्वपूर्ण होती है और पायलटों को उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना पड़ता है।
घटना की जांच से सामने आएगी वजह
विमान का टायर किस स्थान पर और किस वजह से गायब हुआ, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। विमान के टेकऑफ से पहले इसकी तकनीकी जांच की गई थी या नहीं और उस दौरान टायर एवं लैंडिंग गियर की स्थिति कैसी थी, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
अवन्या एविएशन के इस ट्रेनी विमान से जुड़ी घटना के बाद विमानन अधिकारियों की ओर से तकनीकी पहलुओं की जांच की जा सकती है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि टायर उड़ान के दौरान किस चरण में अलग हुआ और इसके पीछे तकनीकी खराबी, फिटिंग या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं।फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। विमान की सुरक्षित लैंडिंग और इसके बाद की तकनीकी जांच से पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।