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कूनो से निकला चीता KP-3 भरतपुर में डेरा डाले हुए, वीडियो में देंखे बंध बारैठा अभयारण्य में एक सप्ताह से मौजूद

 

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KP-3 इन दिनों राजस्थान के भरतपुर स्थित बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य में ठिकाना बनाए हुए है। वन विभाग की टीम पिछले एक सप्ताह से उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।KP-3 विशेष इसलिए भी है क्योंकि यह अफ्रीकी चीता जोड़ी Aasha और Oban की संतान है। दोनों चीतों को वर्ष 2022 में भारत के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास कार्यक्रम के तहत अफ्रीका से लाया गया था। KP-3 का जन्म मध्यप्रदेश के Kuno National Park में हुआ था।

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एक सप्ताह से भरतपुर में सक्रिय

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चीता KP-3 पिछले करीब एक सप्ताह से भरतपुर के Bandh Baretha Wildlife Sanctuary क्षेत्र में मौजूद है। उसकी लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा रहा है और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।भरतपुर के डीएफओ Chetan Kumar ने बताया कि चीता क्षेत्र के वातावरण में पूरी तरह सहज नजर आ रहा है। उसकी गतिविधियों से ऐसा प्रतीत होता है कि वह स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल चुका है।

बछड़े का किया शिकार

वन विभाग के अनुसार चीते ने अभयारण्य क्षेत्र में एक बछड़े का शिकार भी किया है। इसे वन्यजीव विशेषज्ञ चीते के प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चीते की सेहत और गतिविधियां सामान्य हैं।

वन विभाग की सतर्क निगरानी

चीते की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि KP-3 की हर गतिविधि पर आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए नजर रखी जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान तक चीते का पहुंचना उसके प्राकृतिक विचरण क्षेत्र और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है, जो भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।