श्रीगंगानगर से 815 करोड़ रुपए विदेश भेजने का मामला, वीडियो में देंखे CA ने बिना दस्तावेज जांचे जारी किया 15CB सर्टिफिकेट
श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर से विदेश में 815 करोड़ रुपए भेजे जाने के मामले में आयकर विभाग की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पूछताछ के दौरान सीए शेरिगुप्ता ने आयकर विभाग के अधिकारियों को बताया कि यह रकम हांगकांग भेजी गई थी। जांच के मुताबिक, इसके बाद फर्जी कंपनियों के जरिए रकम को वापस भारत लाने की कथित योजना थी। आयकर विभाग के अनुसार, एक कंपनी के खाते से ही करीब 990 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 610 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम विदेश भेजी गई। आरोप है कि इन लेनदेन के लिए सीए शेरिल गुप्ता ने संबंधित दस्तावेजों की जांच किए बिना 15CB सर्टिफिकेट जारी कर दिया।
815 करोड़ पर जमा होना था 163 करोड़ टैक्स
आयकर विभाग की जांच में सामने आया है कि विदेश भेजी गई कुल 815 करोड़ रुपए की रकम पर करीब 163 करोड़ रुपए का टैक्स जमा होना था। विभाग अब इस पूरे लेनदेन की जांच कर रहा है कि इतनी बड़ी रकम किन खातों से भेजी गई, किस उद्देश्य से भेजी गई और विदेश में पहुंचने के बाद इसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।जांच एजेंसियां रकम के अंतिम लाभार्थियों और विदेश में मौजूद कंपनियों के बीच संबंधों का भी पता लगाने में जुटी हैं। खासतौर पर हांगकांग में रकम भेजे जाने और कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के जरिए इसे भारत वापस लाने की बात जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
बिना दस्तावेज देखे जारी किया सर्टिफिकेट
आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान सीए शेरिल गुप्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने संबंधित खातों, समझौतों और दस्तावेजों को खुद नहीं देखा था। उन्होंने यह भी बताया कि इन दस्तावेजों का पर्याप्त सत्यापन नहीं किया गया।इसके बावजूद विदेश में रकम ट्रांसफर करने के लिए जरूरी प्रक्रिया के तहत 15CB सर्टिफिकेट जारी किए गए। आयकर विभाग अब यह जांच कर रहा है कि सर्टिफिकेट जारी करने के दौरान किन दस्तावेजों और जानकारियों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की गई।
कम कारोबार दिखाने वालों के नाम भेजी गई बड़ी रकम
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में कुछ ऐसे लोगों और संस्थाओं का भी पता चला है, जिन्होंने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था या उनके घोषित कारोबार की मात्रा काफी कम थी। इसके बावजूद उनके नाम से बड़ी रकम विदेश भेजी गई।विभाग को संदेह है कि इन लेनदेन में कुछ शेल कंपनियों का भी इस्तेमाल किया गया। ऐसे में अब संबंधित कंपनियों के कारोबार, बैंक खातों, लेनदेन और विदेश में मौजूद संस्थाओं से उनके संबंधों की जांच की जा रही है।
990 ट्रांजैक्शन से 610 करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर
जांच में सामने आए एक मामले में एक ही कंपनी के नाम से 990 ट्रांजैक्शन किए गए और इनके जरिए 610 करोड़ रुपए से अधिक की रकम विदेश भेजी गई। इतने बड़े पैमाने पर हुए लेनदेन ने आयकर विभाग की जांच को और गंभीर बना दिया है।अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन ट्रांजैक्शन के पीछे वास्तविक कारोबारी गतिविधि थी या फिर कागजों पर कंपनियां बनाकर रकम को इधर से उधर किया गया। हांगकांग भेजी गई रकम और उसके संभावित राउंड ट्रिपिंग की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल आयकर विभाग पूरे नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ विदेश भेजी गई रकम के वास्तविक स्रोत, लाभार्थियों और कथित शेल कंपनियों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।