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राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट पर फर्जी जमानत आदेश अपलोड होने का मामला, NDPS आरोपी को राहत देने वाला आदेश संदिग्ध

 

राजस्थान हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर एनडीपीएस मामले के आरोपी कलविंदर सिंह को जमानत देने का कथित आदेश दिखाई देने से न्यायिक हलकों में हलचल मच गई। हैरानी की बात यह है कि कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश पारित ही नहीं किया था। इसके बावजूद 26 अक्टूबर 2026 की तारीख वाला जमानत आदेश वेबसाइट पर अपलोड मिला।

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध आदेश में एनडीपीएस मामले के आरोपी कलविंदर सिंह को जमानत दिए जाने की बात दर्ज थी। आदेश पर 26 अक्टूबर 2026 की तारीख अंकित थी। जब इस आदेश की वास्तविकता को लेकर जानकारी जुटाई गई तो सामने आया कि अदालत ने आरोपी को जमानत देने का ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया था।

आधिकारिक वेबसाइट पर कैसे पहुंचा कथित आदेश?

हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर किसी न्यायिक आदेश का अपलोड होना महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वकील, पक्षकार और अन्य संबंधित लोग इन आदेशों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया करते हैं। ऐसे में बिना कोर्ट के पारित किए आदेश का वेबसाइट पर दिखाई देना गंभीर मामला है।

इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित आदेश वेबसाइट पर किसने और किस प्रक्रिया के तहत अपलोड किया। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि आदेश तैयार करने, सत्यापन और अपलोड करने की प्रक्रिया में कहां चूक हुई।

न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला

अदालत के नाम से जारी होने वाले आदेशों की प्रमाणिकता न्यायिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में किसी आरोपी को जमानत देने वाला कथित आदेश आधिकारिक वेबसाइट पर मिलना गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित आदेश को वेबसाइट से हटाया गया है या नहीं और इस मामले में किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है या नहीं। पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि वेबसाइट पर यह आदेश कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसकी भूमिका थी।