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खाड़ी देशों के तनाव का असर, राजसमंद के पर्यटन और होटल कारोबार पर संकट

 

खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने लगा है। राजस्थान के राजसमंद जिला में भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां पर्यटन और होटल उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे होटल व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है।

जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों और होटलों में गैस की कमी के कारण रसोई संचालन बाधित हो रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से उन्हें अपने संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई होटलों में सीमित मेन्यू पर काम चलाया जा रहा है, जबकि कुछ छोटे व्यवसायों को अस्थायी रूप से सेवाएं बंद करने की नौबत आ गई है।

पर्यटन सीजन के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है, क्योंकि राजसमंद में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी रहती है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

व्यवसायियों के अनुसार, कमर्शियल गैस की आपूर्ति में आई बाधा ने उनके संचालन को पूरी तरह प्रभावित किया है। कई होटल मालिक वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह विकल्प महंगा होने के साथ-साथ लंबे समय के लिए व्यावहारिक भी नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ना चिंता का विषय है। खासकर पर्यटन जैसे क्षेत्रों में, जहां निर्भरता अधिक होती है, वहां इस तरह की समस्याएं तेजी से उभरती हैं।

होटल और पर्यटन से जुड़े संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि कमर्शियल गैस की आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो इससे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

फिलहाल, खाड़ी देशों के तनाव का असर राजसमंद के पर्यटन उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है। अब देखना यह होगा कि गैस आपूर्ति कब तक सामान्य होती है और होटल व्यवसाय इस संकट से उबर पाता है या नहीं।