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कोटा में फिर छात्र की मौत से बढ़ी चिंता: हॉस्टल के कमरे में मृत मिला नाबालिग, जौनपुर का रहने वाला था छात्र

 

राजस्थान के कोटा में कोचिंग करने आए एक नाबालिग छात्र की मौत का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला छात्र हॉस्टल के कमरे में मृत मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। छात्र की मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर छात्र ने यह कदम क्यों उठाया।

कोटा देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। ऐसे में एक और नाबालिग छात्र की मौत की खबर ने एक बार फिर विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक दबाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र का शव

जानकारी के अनुसार, छात्र उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला था और कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह एक हॉस्टल में ठहरा हुआ था। इसी दौरान उसके कमरे में मृत मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

मौत की वजह जानने में जुटी पुलिस

पुलिस फिलहाल छात्र की मौत के कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले छात्र की क्या परिस्थितियां थीं और उसने किन वजहों से यह कदम उठाया। जांच के दौरान छात्र के परिजनों, हॉस्टल प्रबंधन और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई जा सकती है।

हालांकि, अभी तक छात्र की मौत के पीछे पढ़ाई का दबाव, पारिवारिक परेशानी या कोई अन्य कारण होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी भी वजह को घटना का कारण मानना जल्दबाजी होगी।

कोटा में छात्रों की सुरक्षा फिर चर्चा में

कोटा में पढ़ाई के लिए आने वाले कई छात्र परिवार से दूर हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है। छात्र की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल में विद्यार्थियों की नियमित देखभाल और उनकी परेशानियों को समझने के लिए क्या व्यवस्थाएं हैं।

फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही छात्र की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।