सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: जयपुर में यहां सभा, रैली, प्रदर्शनी और मेले पर रोक, हाईकोर्ट का फैसला बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर में सार्वजनिक आयोजनों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को बरकरार रखा है। इसके साथ ही शहर के संवेदनशील प्रशासनिक क्षेत्रों में सभा, रैली, प्रदर्शनी, मेले और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि हाईकोर्ट द्वारा 2018 में जारी किए गए निर्देश जनहित और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिए गए थे, इसलिए उनमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश यथावत लागू रहेंगे।
इन क्षेत्रों में लागू रहेगी पाबंदी
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जयपुर के कुछ प्रमुख इलाकों में सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इनमें मुख्य रूप से
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अम्रूदों का बाग
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अंबेडकर सर्किल
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जनपथ
जैसे इलाके शामिल हैं। ये क्षेत्र प्रशासनिक और न्यायिक संस्थानों के पास स्थित हैं, जहां भारी भीड़ और कार्यक्रमों के कारण अक्सर यातायात बाधित होता रहा है।
ट्रैफिक और जनहित को लेकर लिया गया फैसला
दरअसल, 2018 में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। इसके कारण वकीलों, न्यायाधीशों और आम लोगों को अदालत और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इन क्षेत्रों में सभा, रैली और बड़े आयोजनों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
सरकार को नए नियम बनाने की छूट
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह छूट दी है कि वह आठ सप्ताह के भीतर इन क्षेत्रों में यातायात और आयोजनों को लेकर नए वैधानिक नियम बना सकती है। लेकिन यदि सरकार कोई नया आदेश जारी करती है, तो वह भी न्यायिक समीक्षा के अधीन रहेगा।
प्रशासन का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि जिन क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे पहले से ही साइलेंस जोन और नो-वेंडिंग जोन घोषित हैं। वहां यातायात व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल जयपुर के इन संवेदनशील इलाकों में बड़े सार्वजनिक आयोजन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे और हाईकोर्ट के निर्देश आगे भी लागू रहेंगे।